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Trippleton Farm

  • रचना की तिथि1932
  • आकार54.0 x 43.0 cm

लूसिएन पिसारो (1863-1944) एक फ्रांसीसी लैंडस्केप पेंटर और प्रिंटमेकर थे। उनके प्रभाववादी कार्यों, सुंदर पुस्तक डिजाइनों और कैम्डेन टाउन ग्रुप में उनकी भूमिका के साथ ब्रिटिश कला जगत में उनके योगदान को जानें।

गिक्ली / आर्ट प्रिंट

तेज़ उत्पादन और विभिन्न फिनिश विकल्पों के साथ म्यूजियम-क्वालिटी गिकली (giclée) या कैनवस प्रिंट। (हाथ से बनी पेंटिंग खरीदें हाथ से बनी पेंटिंग खरीदेंडिजिटल इमेज पर स्विच करें डिजिटल इमेज पर स्विच करें)

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थोक छूट का लाभ

कुल कीमत

$ 68

reproduction

Trippleton Farm

गिक्ली / आर्ट प्रिंट

प्रतिकृति का आकार

-

कुल देय राशि

$ 68

The Ulster Museum in Ireland is home to a stunning oil on canvas painting, Trippleton Farm, created by the renowned artist Lucien Pissarro in 1932. This beautiful piece measures 54 x 43 cm and showcases the artist's exceptional skill in capturing the essence of rural life.

A Glimpse into Rural Life

The painting depicts a serene farm scene, with a large house surrounded by trees and mountains in the background. The house features a distinctive red roof, which stands out against the lush green grassy field. Several people are scattered throughout the scene, adding to the lively atmosphere of the farm setting. A dog is also visible near the center of the painting, further enhancing the sense of tranquility. Key Features of the painting include:
  • The use of warm colors to create a cozy and inviting ambiance
  • The attention to detail in capturing the textures of the natural surroundings
  • The sense of movement and energy conveyed through the placement of figures and animals
BR For art enthusiasts interested in exploring more works by Lucien Pissarro, Trippleton Farm is an excellent example of his style. Additionally, the Ulster Museum features other notable paintings, such as The Allotments by Lucien Pissarro, which can be found on WahooArt.com.

Exploring the Artist's Style

Lucien Pissarro's work is characterized by his ability to capture the beauty of everyday life. His paintings often feature rural landscapes, figures, and animals, showcasing his deep appreciation for the natural world. To learn more about the artist and his style, visit Castle Ward Museum on WahooArt.com, which features a range of artworks and information on notable artists like Edward Taylor Dartnell.

कलाकार का जीवन परिचय

कैमिल पिसारो: प्रकाश और जीवन के अग्रदूत

10 जुलाई, 1830 को कैरिबियन में एक डेनिश उपनिवेश, सेंट-थॉमस में जन्मे जैकब अब्राहम कैमिल पिसारो की कलात्मक यात्रा निरंतर गतिशीलता और प्राकृतिक दुनिया के साथ एक गहरे जुड़ाव से निर्मित हुई थी। उनके प्रारंभिक जीवन में द्वीप के जीवंत रंगों और लय का गहरा प्रभाव था—उनके पिता एक सामान्य स्टोर चलाते थे—जिसने उनके भीतर सूक्ष्म अवलोकन की क्षमता और प्रकाश के प्रति एक ऐसी संवेदनशीलता विकसित की, जो बाद में उनके परिपक्व कार्यों की पहचान बनी। कई कलाकारों के विपरीत जिन्होंने शुरुआत में ही औपचारिक प्रशिक्षण लिया था, पिसारो की कलात्मक प्रवृत्तियाँ बाद में उभरीं, जिसे 1850 में डेनिश चित्रकार फ्रिट्ज़ मेलबी के साथ एक आकस्मिक मुलाकात ने प्रेरित किया। इस भेंट ने उनके भीतर एक ऐसी जुनून की लौ जला दी, जिसने उन्हें अपने पारिवारिक व्यवसाय को त्यागने और स्वयं को पूरी तरह से कला की साधना के प्रति समर्पित करने के लिए प्रेरित किया।

पिसारो के शुरुआती वर्ष मुख्य रूप से पेरिस में बीते, जो 19वीं शताब्दी के मध्य में कलात्मक नवाचार का केंद्र था। शुरुआत में उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा; उन्होंने लूव्र में एक प्रतिलिपिकार (copyist) के रूप में कार्य किया—एक ऐसा पद जिसने उन्हें महान कृतियों तक पहुँच और अध्ययन के अमूल्य अवसर प्रदान किए—और चित्रकला सिखाकर अपनी आजीविका चलाई। प्रशिक्षुता के इसी दौर के माध्यम से उन्होंने अपनी स्वयं की शैली विकसित करना शुरू किया, जो उभरते हुए यथार्थवादी (Realist) आंदोलन से प्रभावित थी, लेकिन जल्द ही वे इसकी कठोर सीमाओं से आगे निकल गए। उन्होंने केवल वस्तुओं के बाहरी स्वरूप को ही नहीं, बल्कि किसी विशेष स्थान और समय में उपस्थित होने के अनुभव को भी पकड़ने का प्रयास किया। तात्कालिकता की इसी चाह ने बाद में प्रभाववाद (Imp्यतावाद) के प्रति उनके दृष्टिकोण को परिभाषित किया।

हडसन रिवर स्कूल और प्रारंभिक पेरिस के प्रभाव

पिसारो के कलात्मक विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उनका सामना हडसन रिवर स्कूल के चित्रकारों, विशेष रूप से थॉमस कोल और फ्रेडरिक चर्च की कृतियों से हुआ। उनके नाटकीय परिदृश्य, जो रोमांटिक आदर्शों और प्रकृति के प्रति श्रद्धा से ओत-प्रोत थे, ने उनकी दृष्टि को गहराई से प्रभावित किया। वे अमेरिकी निर्जनता की भव्यता और आध्यात्मिक महत्व दोनों को व्यक्त करने की उनकी क्षमता की ओर आकर्षित हुए। हालाँकि, पिसारो की कलात्मक संवेदनाएँ केवल अनुकरण तक सीमित नहीं थीं; उन्होंने इस स्कूल की तकनीकों—विशेष रूप से वायुमंडलीय परिप्रेक्ष्य और नाटकीय प्रकाश के उपयोग—को आत्मसात किया, और साथ ही एक विशिष्ट मार्ग का निर्माण भी किया।

1855 में पेरिस लौटने पर, पिसारो तेजी से उभरते प्रभाववादी आंदोलन से जुड़ गए। उनकी दोस्ती क्लाउड मोनेट, पियरे-अगस्त रेनॉयर और अल्फ्रेड सिसली जैसे कलाकारों से हुई, जो सैलून प्रणाली की स्थापित परंपराओं को चुनौती दे रहे थे। पिसलारो के प्रारंभिक पेरिस के कार्यों में यह प्रभाव स्पष्ट रूप से झलकता है, जिसमें ढीले ब्रशस्ट्रोक, प्रकाश के क्षणभंगुर क्षणों को पकड़ने पर ध्यान और रोजमर्रा के जीवन का चित्रण—जैसे बाजार के स्टॉल, ग्रामीण परिदृश्य और श्रमिक वर्ग के समुदाय—प्रमुखता से दिखाई देते हैं। वे विशेष रूप से मौसम और वातावरण के प्रभावों को चित्रित करने में रुचि रखते थे, और अक्सर इन घटनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के लिए एन प्लेन एयर (खुले आसमान के नीचे) पेंटिंग करते थे।

प्रभाववादी वर्ष: प्रयोग और सहयोग

प्रभाववादियों के साथ पिसारो का जुड़ाव केवल एक संबंध मात्र नहीं था; उन्होंने उनकी सामूहिक पहचान को आकार देने में एक निर्णायक भूमिका निभाई। वे 1874, 1876, 1877, 1879, 1880, 1882, 1886 और 1889 में आयोजित पहले आठ प्रभाववादी प्रदर्शनियों के प्रमुख आयोजकों में से एक थे, जिसने इन कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। इस अवधि के दौरान, पिसारो की शैली में महत्वपूर्ण विकास हुआ। उन्होंने प्रकाश और रंग को दर्शाने के नए तरीकों की खोज में विभिन्न तकनीकों के साथ प्रयोग किए—जिसमें जॉर्जेस सेराट और पॉल सिग्नैक से प्रभावित 'पॉइंटिलिज्म' (बिंदुवाद) भी शामिल था। उनकी पेंटिंग्स तेजी से जीवंत और गतिशील होती गईं, जो शहरी जीवन की ऊर्जा और फ्रांसीसी देहात की सुंदरता को समेट लेती थीं।

उल्लेखनीय है कि इस समय के दौरान कैमिल पिसारो (जिनसे उनका कोई पारिवारिक संबंध नहीं था) के साथ उनके संबंध उनके कार्य पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव थे। वे अक्सर विचारों और तकनीकों को साझा करते हुए सहयोग करते थे, और अक्सर एक ही विषय को थोड़े अलग दृष्टिकोण से चित्रित करते थे। इस सहयोगी भावना ने नवाचार को बढ़ावा दिया और प्रभाववादी कला की सीमाओं को आगे बढ़ाने में मदद की।

उत्तरार्द्ध वर्ष और विरासत

जैसे-जैसे उनकी आयु बढ़ी, पिसारो की शैली अधिक शांत और चिंतनशील हो गई। उन्होंने अपने लंबे जीवन के दौरान प्रचुर मात्रा में पेंटिंग करना जारी रखा, अपने युवावस्था के हलचल भरे शहरी दृश्यों से दूर हटकर शांत परिदृश्यों और चित्रों पर ध्यान केंद्रित किया। उनके बाद के कार्यों की विशेषता रूप की अद्भुत स्पष्टता और शांति की गहरी भावना है। वित्तीय कठिनाइयों और कलात्मक अनिश्चितता के दौर का सामना करने के बावजूद, पिसारो 1903 में 73 वर्ष की आयु में अपनी मृत्यु तक अपने शिल्प के प्रति समर्पित रहे।

कैमिल पिसारो की विरासत अत्यंत विशाल है। उन्हें प्रभाववाद के संस्थापकों में से एक और आधुनिक कला के विकास में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व माना जाता है। रंग और प्रकाश का उनका अभिनव उपयोग, रोजमर्रा के क्षणभंगुर क्षणों को पकड़ने की उनकी प्रतिबद्धता, और उनकी सहयोगी भावना ने कलाकारों की पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया है। उनकी पेंटिंग्स आज भी दर्शकों के दिलों में गूँजती हैं, जो हमारे चारों ओर की दुनिया की सुंदरता और जटिलता की एक झलक प्रदान करती हैं।

लूसिएन पिसारो

लूसिएन पिसारो

1830 - 1944 , डेनमार्क

मुख्य तथ्य

  • Artistic Movement Or Style: प्रभाववाद, बिंदुवाद
  • Artists Or Movements Influenced By This Artist:
    • पॉल सेज़ान
    • प्रभाववादी
  • Artists Who Influenced This Artist:
    • फ्रिट्ज़ मेलबी
    • डसेलडोर्फ स्कूल
  • Date Of Birth: 10 जुलाई, 1830
  • Date Of Death: 13 नवंबर, 1903
  • Full Name: कैमिल पिसारो
  • Nationality: डेनिश, फ्रांसीसी
  • Notable Artworks:
    • बुलेवार्ड मोंटमार्ट्रे
    • ला ग्रेनुइलियर
    • द मैगपाई
    • चैटौविले में लाल छतें
  • Place Of Birth: सेंट थॉमस, डेनमार्क