दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की, 1735 – 1822

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की पेंटिंग्स: 60 सबसे प्रसिद्ध कृतियाँ, रैंकिंग के अनुसार

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग National Museum in Warsaw, वारसॉ में स्थित Portrait of Catherine II of Russia in red dress. (1782) है। Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple Devoted to the Godess of Justice (1780) और Portrait of Countess Ursula Mniszek (1782) के साथ, यह उन तीन कृतियों को पूरा करता है जिन्हें हर कोई पहचानता है। हमारे कैटलॉग में दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की 60 कृतियाँ सूचीबद्ध हैं; नीचे दी गई 60 कृतियाँ वे हैं जिन्हें दुनिया सबसे अधिक देखती है, जिनमें से प्रत्येक का वर्ष, उसे रखने वाला संग्रहालय और उसका महत्व दिया गया है।

हमारे लोकप्रियता स्कोर के आधार पर रैंक किया गया, जो प्रत्येक कृति के लिए खोज, विज़िट और ऑर्डर को जोड़ता है। अक्टूबर 2026 में अपडेट किया गया। इस पृष्ठ पर मौजूद प्रत्येक उत्कृष्ट कृति को आपके द्वारा चुने गए आकार में, संग्रहालय-गुणवत्ता वाले, हाथ से पेंट किए गए ऑयल रिप्रोडक्शन या फाइन आर्ट प्रिंट के रूप में ऑर्डर किया जा सकता है।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की का चित्र
दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की · 1735 – 1822
जन्म · मृत्यु
1735 – 1822, कीव
कला आंदोलन
Rococo
हमारी सूची में उपलब्ध कृतियाँ
60
सबसे प्रसिद्ध
Portrait of Catherine II of Russia in red dress. (1782)
सबसे अधिक कृतियाँ
त्रत्यकोव गैलरी

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की 10 सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग्स

Portrait of Catherine II of Russia in red dress. (1782) द्वारा दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की
1

Portrait of Catherine II of Russia in red dress.

1782 · Oil On Canvas · National Museum in Warsaw, वारसॉ

The Portrait of Catherine II of Russia in red dress. is an oil painting executed by the artist Dmitry Levitzky. Created in 1782, this work depicts the subject, Catherine II, who is also known as Catherine the Great. She held the position of Empress of Russia from 9 July 1762 until 1796.

Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple  Devoted to the Godess of Justice (1780) द्वारा दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की
2

Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple Devoted to the Godess of Justice

1780 · Oil · त्रत्यकोव गैलरी, मॉस्को

The work is the Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple Devoted to the Godess of Justice by the artist Dmitry Grigoryevich Levitsky. Created about 1780, this oil portrait presents the subject, Catherine II, within a specific architectural and symbolic framework. The composition places the Empress inside a temple dedicated to the goddess of Justice, a setting that defines the allegorical nature of the image.

Portrait of Countess Ursula Mniszek (1782) द्वारा दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की
3

Portrait of Countess Ursula Mniszek

1782 · Oil On Canvas · त्रत्यकोव गैलरी, मॉस्को

An elegant oval-format bust-length portrait, this work captures Countess Ursula Mniszek in a moment of poised serenity. The composition focuses on the subject's face and upper torso, set against a dark, indeterminate background that creates a strong chiaroscuro effect. Light enters from the upper left, illuminating her features and the shimmering textures of her attire. Her powdered hair is styled in voluminous curls, framing a face rendered with smooth skin…

Portrait of A.I. Novikova (? ) (1794) द्वारा दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की
4

Portrait of A.I. Novikova (? )

1794 · Oil On Canvas · एर्मिटेज संग्रहालय, सेंट पीटर्सबर्ग

The Subject and Composition Portrait of A.I. Novikova (? ) presents a middle-aged man in a three-quarter view, positioned slightly off-center against a dark, atmospheric background. The figure is depicted from the waist up, wearing a deep forest green coat accented by a vermilion red collar and a white cravat. His hair is light-colored and appears powdered, a common stylistic choice for the period. The subject's expression remains calm and…

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की, पेंटिंग्स 11 से 60 तक

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की कालखंड के अनुसार पेंटिंग्स

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की द्वारा चित्रित सबसे प्रमुख विषय

इन उत्कृष्ट कृतियों में सबसे अधिक बार आने वाले चार विषय, और प्रत्येक का सबसे बेहतरीन उदाहरण।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की पेंटिंग्स कहाँ देखें

वे 7 संग्रहालय जिनमें इस पृष्ठ की सर्वाधिक पेंटिंग्स मौजूद हैं।

संग्रहालय शहर दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की कृतियाँ इस सूची की पेंटिंग्स
त्रत्यकोव गैलरी, मॉस्कोत्रत्यकोव गैलरी मॉस्को 6 Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple Devoted to the Godess of Justice, Portrait of Countess Ursula Mniszek, Portrait of Maria Dyakova
एर्मिटेज संग्रहालय, सेंट पीटर्सबर्गएर्मिटेज संग्रहालय सेंट पीटर्सबर्ग 5 Portrait of A.I. Novikova (? ), Portrait of Nikolai Novikov, Portrait of Mikhail Krechetnikov
स्टेट रूसी संग्रहालय, सेंट पीटर्सबर्गस्टेट रूसी संग्रहालय सेंट पीटर्सबर्ग 5 Portrait of E. N. Khruschova and Princess E. N. Khovanskaya, Portrait of the Princesses Davidova and Rzevskaja, Portrait of Alexander Kokorino
National Museum in Warsaw, वारसॉNational Museum in Warsaw वारसॉ 2 Portrait of Catherine II of Russia in red dress., Catherine the Great
नेशनल गैलरी ऑफ आर्मेनिया, येरेवननेशनल गैलरी ऑफ आर्मेनिया येरेवन 1 Portrait of B.V. Umsky
Hillwood Estate, Музей та Сади, वाशिंगटन, डी.सी.Hillwood Estate, Музей та Сади वाशिंगटन, डी.सी. 1 Portrait of Yekaterina Dashkova
Fine Arts Museum Kharkiv, KharkivFine Arts Museum Kharkiv Kharkiv 1 Irina Vasilyeva (count)

प्रत्येक दशक की दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग

  1. 1770s
  2. 1780s
    Portrait of Catherine II of Russia in red dress. (1782) द्वारा दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की
    रैंक 1 / 60

    Portrait of Catherine II of Russia in red dress.

    आयु 45 – 54 · National Museum in Warsaw

    The Portrait of Catherine II of Russia in red dress. is an oil painting executed by the artist Dmitry Levitzky. Created in 1782, this work depicts the subject,…

  3. 1790s
    Portrait of A.I. Novikova (? ) (1794) द्वारा दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की
    60 में से #4

    Portrait of A.I. Novikova (? )

    आयु 55 – 64 · एर्मिटेज संग्रहालय

    The Subject and Composition Portrait of A.I. Novikova (? ) presents a middle-aged man in a three-quarter view, positioned slightly off-center against a dark, atmospheric background. The figure…

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की पेंटिंग्स के बारे में प्रश्न

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग कौन सी है?उत्तर दिखाएं

Portrait of Catherine II of Russia in red dress. (1782), National Museum in Warsaw, वारसॉ। इसके बाद Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple Devoted to the Godess of Justice (1780) और Portrait of Countess Ursula Mniszek (1782) आते हैं।

Portrait of Catherine II of Russia in red dress. की पेंटिंग बनते समय दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की उम्र क्या थी?उत्तर दिखाएं

47 वर्ष की आयु: Portrait of Catherine II of Russia in red dress. की रचना 1782 की है और दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की का जन्म 1735 में हुआ था।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की शीर्ष 10 पेंटिंग कौन सी हैं?उत्तर दिखाएं

Portrait of Catherine II of Russia in red dress., Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple Devoted to the Godess of Justice, Portrait of Countess Ursula Mniszek, Portrait of A.I. Novikova (? ), Portrait of Maria Ivanovna Narychkine (1731-1807), formerly known as Portrait of Princess Maria Pavlovna Narychkine, Portrait of B.V. Umsky, La Maréchale d'Arseniev, Catherine the Great, Portrait of Yekaterina Dashkova और Portrait of Nikolai Novikov। ऊपर दी गई रैंकिंग में प्रत्येक का वर्ष और संग्रहालय दिया गया है।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की ने कितनी पेंटिंग बनाईं?उत्तर दिखाएं

हमारे कैटलॉग में दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की 60 कृतियाँ सूचीबद्ध हैं, जिनकी अवधि 1770 से 1794 तक है।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग्स कहाँ हैं?उत्तर दिखाएं

उनमें से अधिकांश त्रत्यकोव गैलरी (मॉस्को), एर्मिटेज संग्रहालय (सेंट पीटर्सबर्ग) और स्टेट रूसी संग्रहालय (सेंट पीटर्सबर्ग) में हैं। ऊपर दी गई तालिका में संग्रहालयों की सूची एक-एक करके दी गई है।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की ने अपनी सबसे प्रसिद्ध कृतियाँ कब बनाई थीं?उत्तर दिखाएं

1780s में: इस पृष्ठ पर मौजूद 60 कृतियों में से 8 उस समय की हैं, जिनमें से Portrait of Catherine II of Russia in red dress. शामिल हैं।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की सबसे शुरुआती और सबसे नवीनतम प्रसिद्ध पेंटिंग्स कौन सी हैं?उत्तर दिखाएं

इस पृष्ठ पर सबसे पुरानी कृति Portrait of B.V. Umsky (1770) है, और सबसे नवीनतम Portrait of A.I. Novikova (? ) (1794) है।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की ने सबसे अधिक बार क्या चित्रित किया?उत्तर दिखाएं

इस पृष्ठ पर मौजूद 60 कृतियों में से Portraits (33), 18th century (6) और Woman (5)।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की ने किस माध्यम का सबसे अधिक उपयोग किया?उत्तर दिखाएं

Oil On Canvas: इस पृष्ठ पर 60 कृतियों में से 5

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की किस कला आंदोलन से संबंधित हैं?उत्तर दिखाएं

जैसा कि इस पृष्ठ पर मौजूद पेंटिंग्स में दिखाया गया है, Rococo।

मैं त्रत्यकोव गैलरी में किस दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की पेंटिंग्स देख सकता हूँ?उत्तर दिखाएं

Portrait of Catherine II the Legislatress in the Temple Devoted to the Godess of Justice, Portrait of Countess Ursula Mniszek और Portrait of Maria Dyakova इस पृष्ठ पर त्रत्यकोव गैलरी, मॉस्को के पास मौजूद 6 कृतियों में से हैं।

क्या मैं दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की की पेंटिंग की पुनरुत्पादन (reproduction) खरीद सकता हूँ?उत्तर दिखाएं

हाँ। इस पृष्ठ पर मौजूद प्रत्येक पेंटिंग को आप अपनी पसंद के आकार में, पेंटिंग के अपने पृष्ठ से, संग्रहालय-गुणवत्ता वाली, हाथ से बनाई गई ऑयल रिप्रोडक्शन या फाइन आर्ट प्रिंट के रूप में ऑर्डर कर सकते हैं।

दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की के बारे में

प्रारंभिक जीवन और कलात्मक नींव

1735 में कीव में जन्मे दिमित्री ग्रिगोरिएविच लेविट्स्की का उदय यूक्रेन की समृद्ध कलात्मक परंपराओं से जुड़े एक परिवार में हुआ था। उनके पिता, ग्रिगोरी किरिलविच लेविट्स्की-नोस, न केवल एक पादरी थे, बल्कि एक कुशल नक्काशीकार और चित्रकार भी थे, जिन्होंने युवा दिमित्री के लिए दृश्य अभिव्यक्ति की दुनिया में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। इस प्रारंभिक शिक्षा ने कला की नींव को मजबूत किया, जिससे उनके भीतर बारीकियों के प्रति सम्मान और रूप की एक प्रारंभिक समझ विकसित हुई। लगभग 1758 में परिवार का सेंट पीटर्सबर्ग जाना एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जिसने प्रतिष्ठित अलेक्सी एंट्रोपोव के मार्गदर्शन में औपचारिक कला प्रशिक्षण के द्वार खोल दिए। एंट्रोपोव का प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण रहा; उन्होंने लेविट्स्की को वह वस्तुनिष्ठता प्रदान की जो आगे चलकर उनकी परिपक्व शैली की पहचान बनी।

उत्थान और अकादमिक मान्यता

लेविट्स्की की यात्रा केवल प्रशिक्षुता तक ही सीमित नहीं थी। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग एकेडमी ऑफ आर्ट्स में लुई लैग्रेनी जैसे अन्य उस्तादों से ज्ञान प्राप्त किया, जिससे उनकी तकनीक और भी निखर गई। उनकी कलात्मक सफलता का शंखनाद 1त्व 1770 में इंपीरियल एकेडमी ऑफ आर्ट्स में छह चित्रों की प्रदर्शनी के साथ हुआ। इन कृतियों ने न केवल तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि एक विशिष्ट कुलीन संवेदनशीलता को भी कैद किया, जिसने कैथरीन द ग्रेट के रूस के दरबारी हलकों में गहरी छाप छोड़ी। अकादमी के निदेशक और प्रथम रेक्टर अलेक्जेंडर कोकोरिनोव का चित्र विशेष रूप से प्रभावशाली रहा, जिसने लेविट्स्की को अकादमिकian का दर्जा और उसी संस्थान में पोर्ट्रेट पेंटिंग में प्रोफेसर का पद दिलाया जहाँ वे कभी छात्र रहे थे। इस नियुक्ति ने रूस के अग्रणी कलाकारों में से एक के रूप में उनकी स्थिति को सुदृढ़ कर दिया।

स्मोल्नी संस्थान श्रृंखला: युवावस्था और आदर्शवाद के चित्र

शायद लेविट्स्की की सबसे प्रशंसित उपलब्धि 1772 और 1776 के बीच स्मोल्नी इंस्टीट्यूट फॉर यंग लेडीज के लिए कैथरीन द्वितीय द्वारा मंगवाए गए चित्रों की श्रृंखला में निहित है। ये केवल चेहरे की समानता मात्र नहीं थे; बल्कि ये युवा सद्गुण, शालीनता और क्षमता के सावधानीपूर्वक निर्मित चित्रण थे। प्रत्येक चित्र एक छात्रा को विभिन्न गतिविधियों में संलग्न दिखाता है – जैसे नृत्य, संगीत, नाटकीय प्रदर्शन – जो उन शिक्षा और परिष्कार के आदर्शों को साकार करते हैं जिन्हें कैथरीन इस संस्थान के माध्यम से बढ़ावा देना चाहती थीं। यूरोपीय औपचारिक पोर्ट्रेट शैली से प्रभावित इसकी संरचना ने प्रत्येक पात्र की गरिमा और महत्व पर जोर दिया, जबकि प्रकाश और रंग के लेविट्स्की के कुशल उपयोग ने कुलीन परवरिश के इन दृश्यों में एक जीवंत प्राण फूँक दिए। ये पेंटिंग केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं हैं; बल्कि ये 18वीं सदी के रूसी समाज की आकांक्षाओं और मूल्यों की खिड़कियाँ हैं।

एक परिष्कृत शैली और स्थायी विरासत

लेविट्स्की की कलात्मकता उनके विषयों की शारीरिक समानता और आंतरिक चरित्र, दोनों को पकड़ने की अद्भुत क्षमता से पहचानी जाती थी। वे केवल चित्रण से आगे बढ़कर अपने चित्रों में मनोवैज्ञानिक गहराई और सामाजिक सूक्ष्मता का संचार करते थे। उनकी तकनीक ने सूक्ष्म विवरणों को एक कोमल स्पर्श के साथ मिश्रित किया, जिससे ऐसी छवियां बनीं जो वास्तविक होने के साथ-साथ आदर्शवादी भी थीं। हालाँकि उन्होंने अपने जीवनकाल में काफी सफलता प्राप्त की, लेकिन उनके बाद के वर्षों में वित्तीय कठिनाइयों ने उन्हें घेरा। दृष्टि की बिगड़ती स्थिति के कारण 1790 के दशक में उन्हें अपनी पेंटिंग गतिविधियों को कम करना पड़ा, फिर भी वे एक परिषद सदस्य के रूप में अकादमी से जुड़े रहे। इन चुनौतियों के बावजूद, लेविट्स्की ने फ्योडोर रोकोटोव और व्लादिमीर बोरोविकोव्स्की जैसे समकालीनों के साथ रूस के सबसे प्रमुख पोर्ट्रेट चित्रकारों में से एक के रूप में एक स्थायी विरासत छोड़ी है।

ऐतिहासिक महत्व और चिरस्थायी आकर्षण

लेविट्स्की का कार्य महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन के काल के दौरान रूसी अभिजात वर्ग के जीवन और मूल्यों की अमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। उनके चित्र केवल सुंदर वस्तुएं नहीं हैं; वे ऐतिहासिक कलाकृतियां हैं जो एक कुलीन वर्ग की विकसित होती पसंद, आकांक्षाओं और आत्म-धारणा को दर्शाते हैं। यथार्थवाद और आदर्शवाद के बीच संतुलन बनाने की उनकी क्षमता ने, उनकी तकनीकी महारत के साथ मिलकर, उन्हें रूसी पोर्ट्रेट चित्रकला में एक निर्णायक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया। आज, लेविट्स्की की पेंटिंग अपनी भव्यता, मनोवैज्ञानिक गहराई और चिरस्थायी सुंदरता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती रहती हैं। वे बीते हुए युग की एक झलक पेश करते हैं, जो हमें याद दिलाते हैं कि कला में न केवल बाहरी स्वरूप को, बल्कि एक पूरे युग की आत्मा को कैद करने की शक्ति होती है।

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