प्रारंभिक जीवन और प्रशिक्षण
- जन्म: लुक्का, इटली (1708)
- मृत्यु: 1787
- पोम्पियो बाटोनी 1727 में रोम चले गए।
- उन्होंने एगोस्टिनो मासुची, सेबस्टियानो कॉनका और/या फ्रांसेस्को इम्पेरियली के संरक्षण में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- उनकी पहली स्वतंत्र कमीशन अप्रैल 1732 में रोम में हुई भारी बारिश का परिणाम थी।
- उनकी पेंटिंग "द एक्सटेसी ऑफ सेंट कैथरीन ऑफ सिएना" देर-बरोक शैली के उनके अकादमिक परिष्कार को दर्शाती है।
कलात्मक शैली और प्रभाव
- बाटोनी की शैली शास्त्रीय पुरातनता, फ्रांसीसी रोकोको, बोलोग्नीज़ क्लासिसिज्म और निकोलस पुसिन, क्लाउड लोर्रेन और विशेष रूप से राफेल जैसे कलाकारों से प्रेरित थी।
- उन्हें नव-शास्त्रीयवाद (Neoclassicism) के अग्रदूत के रूप में माना जाता है।
- उनकी कृतियाँ इटली के मिलान में पिनकोटेका डी ब्रेरा सहित विभिन्न संग्रहालयों में देखी जा सकती हैं।
प्रमुख कार्य और कमीशन
- वर्जिन एंड चाइल्ड विद सेंट्स
- ए नाइट इन रोम: चार्ल्स सेसिल रॉबर्ट्स – रोमन खंडहरों की पृष्ठभूमि में एक ब्रिटिश यात्री का एक प्रसिद्ध चित्र।
- द ट्रायंफ ऑफ वेनिस
- इटली के चर्चों के लिए कई वेदी-चित्र (altarpieces), जैसे सिएना में म्यूजियम डुओमो।
- पोर्ट्रेट बनाने के लिए उनकी भारी मांग थी, विशेष रूप से 'ग्रैंड टूर' पर आए ब्रिटिश यात्रियों द्वारा, जो प्राचीन परिवेश में खड़े होकर बनाए गए चित्रों का ऑर्डर देते थे।
विकास और ऐतिहासिक महत्व
- 1761 में उनके प्रतिद्वंद्वी एंटन राफेल मेंग्स के स्पेन चले जाने के बाद, बाटोनी रोम के एक अत्यंत प्रतिष्ठित चित्रकार बन गए।
- वे विंकेलमैन के मित्र बने और अपनी पेंटिंग में शास्त्रीयता को संयमित करने का लक्ष्य रखा।
- उनके चित्रों ने 'ग्रैंड टूर' युग की भावना को कैद किया, जो यूरोपीय अभिजात वर्ग के बीच शास्त्रीय पुरातनता के प्रति आकर्षण को दर्शाता था।
- बरोक तकनीकों को उभरते नव-शास्त्रीय आदर्शों के साथ मिलाने की बाटोनी की क्षमता ने उन्हें इतालवी कला इतिहास में एक संक्रमणकालीन व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया।
विरासत
- पोम्पियो बाटोनी का निधन 4 फरवरी, 1787 को रोम में हुआ।
- उन्होंने अपने समय के सबसे प्रसिद्ध इतालवी चित्रकारों में से एक के रूप में एक महान विरासत छोड़ी है।
- उनकी कला आज भी अपने तकनीकी कौशल, सुंदर संरचनाओं और ऐतिहासिक संदर्भों के भीतर व्यक्तियों के सूक्ष्म चित्रण के लिए सराही जाती है।


