एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ट्रॉलर, नॉर्बर्ट, जो एक चेक-अमेरिकी वास्तुकार और कलाकार थे, का जन्म 1896 में ब्रनो, चेक गणराज्य में हुआ था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने एक सैनिक के रूप में सेवा की, जहाँ उन्हें इटालियंस द्वारा बंदी बना लिया गया था, लेकिन एक वर्ष के भीतर ही उन्हें रिहा कर दिया गया। युद्ध के पश्चात, उन्होंने ब्रनो तकनीकी विश्वविद्यालय में वास्तुकला का अध्ययन किया और बाद में वियना के एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स में अपनी शिक्षा पू
र्ण की। विपत्ति के बीच कलात्मक अभिव्यक्ति 1942 में, ट्रॉलर को थेरेज़िएनस्टैड एकाग्रता शिविर (concentration camp) में निर्वासित कर दिया गया था, जहाँ उन्होंने शिविर के भीतर के जीवन को दर्ज करने के लिए अपने कलात्मक कौशल का उपयोग किया। उनके कार्य, जो दैनिक जीवन के मार्मिक चित्रण के लिए जाने जाते हैं, मानवीय भावना की लचीलेपन और अटूट शक्ति के प्रमाण के रूप में कार्य करते हैं। प्रमुख कृतियाँ और प्रदर्शनियाँ ट्रॉलर की कलाकृतियों को विभिन्न प्…