एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रकाश के अग्रदूत: टॉम रॉबर्ट्स का जीवन और कला 8 मार्च, 1856 को इंग्लैंड के डोरचेस्टर में जन्मे थॉमस विलियम रॉबर्ट्स एक विशिष्ट ऑस्ट्रेलियाई कलात्मक पहचान के विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बने। उनके प्रारंभिक जीवन में 1869 में मेलबर्न की ओर परिवार का प्रवास एक ऐसा मोड़ था, जिसने उनकी कलात्मक दृष्टि को अपरिवत रूप से बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया के विशाल परिदृश्यों और वहां के अनूठे प्रकाश ने उनके भीतर अपने अपनाए हुए देश
के सार को पकड़ने के लिए एक जुनून पैदा कर दिया। शुरुआत में एक फोटोग्राफर के सहायक के रूप में काम करते हुए, रॉबर्ट्स ने अपने अवलोकन कौशल को निखारा और संयोजन (composition) पर अपनी पैनी दृष्टि विकसित की—ये वे गुण थे जो उनकी प्रसिद्ध पेंटिंग्स की पहचान बन गए। साथ ही उन्होंने औपचारिक कला प्रशिक्षण भी प्राप्त किया, लुई बुवेलोट के मार्गदर्शन में अध्ययन किया, जिनके प्रभाव ने उनमें परिदृश्य चित्रण (landscape painting) के प्रति प्रेम और पारंपरिक…