एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
प्रारंभिक जीवन और पेरिस का जागरण 1878 में बुडापेस्ट में जन्मे ओडोन मार्फी, हंगेरियन कला के आधुनिकीकरण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में उभरे। उनकी कलात्मक यात्रा की शुरुआत उनके मातृभूमि में बुनियादी प्रशिक्षण के साथ हुई थी, लेकिन 1902 में पेरिस में अध्ययन के लिए मिले अनुदान ने वास्तव में उनके कलात्मक विकास को नई दिशा दी। पेरिस के जीवंत कला परिदृश्य में खुद को डुबोते हुए, उन्होंने सबसे पहले एकेडेमी जूलियन में जीन-पॉल लॉरेन्
स के मार्गदर्शन में अध्ययन किया और बाद में इकोले डेस ब्यूक्स-आर्ट्स में फर्नांड कॉर्मन के साथ अपने कौशल को निखारा। यह काल उनके लिए परिवर्तनकारी सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें उन उभरते हुए 'अवांत-गार्ड' (avant-garde) आंदोलनों से परिचित कराया जो उनकी सौंदर्य दृष्टि को आकार देने वाले थे। वे एम्ब्रोस वोलार्ड की गैलरी में अक्सर जाया करते थे, जहाँ पॉल सेज़ान, हेनरी मातिस, पियरे बोनार्ड और जॉर्ज ब्राक के क्रांतिकारी कैनवस ने उनकी संवेदनशीलता पर एक अ…