द मूड रूम · लेसर उरी

लेसर उरी एक प्रवेश करें
एहसास, नहीं
एक गैलरी।

एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।

कमरे में प्रदर्शित कलाकृतियाँ
काल · आंदोलन
6
भावनात्मक स्वर
लेसर उरी

लेसर उरी

प्रकाश में रची एक जीवनगाथा: लियो लेसर उरी की दुनिया लियो लेसर उरी, एक ऐसा नाम जो शायद उनके कुछ प्रभाववादी (Impressionist) समकालीनों की तुलना में तुरंत पहचाना न जाए, फिर भी जर्मन चित्रकला के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और भावपूर्ण स्थान रखता है। 7 नवंबर, 1861 को प्रशिया के बर्नबौम (अब मिएंडज़ुचोह, पोलैंड) में जन्मे उरी का जीवन कलात्मक विजय और व्यक्तिगत संघर्षों का एक अनूठा संगम था। उनका प्रारंभिक जीवन दुखों की छाया में बीता; 1872 मे

ं उनके पिता, जो एक बेकर थे, के निधन ने उन्हें अपनी माँ के साथ बर्लिन जाने पर मजबूर कर दिया। इस विस्थापन ने शायद उनके भीतर शहरी परिदृश्यों और आधुनिक अस्तित्व की क्षणभंगुर प्रकृति के प्रति एक आजीवन संवेदनशीलता पैदा कर दी। शुरुआत में एक व्यवसायी के अधीन प्रशिक्षु के रूप में काम करने के बावजूद, उरी की कलात्मक पुकार इतनी प्रबल थी कि उसे अनदेखा करना असंभव था, जो अंततः 179 में उन्हें कुनस्टअकाडेमी डसेलडोर्फ तक ले गई। यह यूरोपीय अन्वेषण के एक…

कमरे का मोड सेट करें मनोदशा — प्रकाश का अनुसरण करता है
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