एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
प्रारंभिक जीवन और नौसैनिक करियर चार्ल्स मेर्योन, जो एक फ्रांसीसी कलाकार थे, का जन्म 23 नवंबर, 1821 को पेरिस में हुआ था। उनकी माता, जो पेरिस ओपेरा में एक नर्तकी थीं, का उनके प्रारंभिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। मेर्योन की वर्णान्धता (colour blindness) के कारण उन्होंने नौसैनिक करियर अपनाने का निर्णय लिया, जिसने उन्हें दुनिया भर की लंबी यात्राओं पर भेजा, जिसमें पूरी दुनिया का चार साल का दौरा भी शामिल था। यही अनुभव आगे चलकर पेरिस के उनके नक्क
ाशीदार चित्रणों के लिए प्रेरणा बना। कलात्मक यात्रा और उल्लेखनीय कृतियाँ यह महसूस करने के बाद कि वर्णान्धता उनके लिए चित्रकला के मार्ग में बाधा थी, मेर्योन ने 1848 में एचिंग (etching) की कला को अपनाया। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति 'eaux-fortes sur paris' श्रृंखला है, जो पेरिस के प्रति उनके विशिष्ट गोथिक दृष्टिकोण को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है। 1850 से 1854 के बीच निर्मित इस श्रृंखला में बाईस एचिंग शामिल हैं, जिन्हें आज मेर्योन क…