प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि जन्म: 7 मई, 1861, जोरासांको, कलकत्ता, ब्रिटिश भारत मृत्यु: 5 दिसंबर, 1951 परिवार: प्रतिष्ठित टैगोर परिवार के सदस्य; रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे। उनके दादा गिरिंद्रनाथ टैगोर थे, और उनके पिता गुणेंद्रनाथ टैगोर थे। शिक्षा: 1880 के दशक में कोलकाता के संस्कृत …
प्रत्येक 21 स्वीकृत कृति एक सुव्यवस्थित प्रवाह में अपने प्रमुख स्वर का योगदान देती है। रंग चक्र (hue wheel) के अनुसार व्यवस्थित, यह पट्टी एक सहज स्पेक्ट्रम की तरह दिखाई देती है। इसके पूर्ण चार-रंग पैलेट को देखने के लिए किसी भी बैंड पर क्लिक करें।
पट्टियाँ रंग चक्र (hue wheel) का अनुसरण करती हैं; दृष्टिगत रूप से समान रंगों को आपस में मिला दिया जाता है।
प्रत्येक बिंदु एक कलाकृति है — इसका कोण रंगत (hue) द्वारा और केंद्र से इसकी दूरी संतृप्ति (saturation) द्वारा निर्धारित होती है। पेंटिंग देखने के लिए किसी बिंदु पर माउस ले जाएँ।
सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले पैलेट रंगों को दर्शाने वाली 24 पेंटिंग्स तक — जिनमें से प्रत्येक को उनके प्रमुख रंगों के साथ दिखाया गया है।