प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि जन्म: 7 मई, 1861, जोरासांको, कलकत्ता, ब्रिटिश भारत मृत्यु: 5 दिसंबर, 1951 परिवार: प्रतिष्ठित टैगोर परिवार के सदस्य; रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे। उनके दादा गिरिंद्रनाथ टैगोर थे, और उनके पिता गुणेंद्रनाथ टैगोर थे। शिक्षा: 1880 के दशक में कोलकाता के संस्कृत कॉलेज में अध्ययन किया और बाद में कलकत्ता स्कूल ऑफ आर्ट में शिक्षा प्राप्त की। कलात्मक विकास और प्रभाव प्रारंभिक प्रशिक्षण: कलकत्ता स्कूल ऑफ आर्ट…
अवनींद्रनाथ टैगोर के कलात्मक सफर के माध्यम से स्क्रॉल करें — एक-एक कलाकृति और एक-एक अध्याय के साथ — सबसे पुराने दिनांकित कार्य से लेकर अंतिम तक। प्रत्येक थंबनेल को स्वर्ण अक्ष (gold axis) पर उसके सटीक वर्ष पर अंकित किया गया है।
रिबन को छायांकित पट्टियों में विभाजित किया गया है, जो प्रत्येक करियर अध्याय का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रत्येक अध्याय अवनींद्रनाथ टैगोर की कृतियों को उनके ऐतिहासिक काल के आधार पर समूहित करता है — प्रारंभिक प्रशिक्षण, परिपक्व अभ्यास, और अंतिम वर्ष।
प्रत्येक थंबनेल को उसके सटीक निर्माण वर्ष पर अंकित किया गया है। छवि से अक्ष के सटीक बिंदु तक एक पतला सुनहरा धागा नीचे की ओर जाता है। बड़े फ्रेम कलाकार की उत्कृष्ट कृतियों को उनके क्रम के अनुसार चिह्नित करते हैं।
अक्ष के नीचे स्थित ग्रेडिएंट बार समय के साथ बदलते प्रमुख कला आंदोलनों के अनुसार अपना रंग बदलता है — प्रारंभिक काल के सुनहरे रंगों से लेकर परिपक्वता के गहरे रंगों तक। जैसे-जैसे आप स्क्रॉल करते हैं, यह धीरे-धीरे भरता जाता है।