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छात्र कला मार्गदर्शिका

Samuel Barrington

नाम श्रेणी तिथि

जॉन सिंगलटन कोप्ले, Samuel Barrington. सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध। इस कैनवास को बदलते प्रकाश में देखें: इसके रेखांकन, वार्निश के नीचे का वास्तविक रंग और शुद्ध पिगमेंट।

तथ्य विवरण

कलाकार
जॉन सिंगलटन कोप्ले wahooart.com/hi/artists/john-singleton-copley_hi/
कलाकार का जीवनकाल
1738 – 1815
माध्यम
Acrylic
मूल आकार
44 x 60 cm
गतिशीलता
Neoclassical Portraiture
Artistic style
Portraiture
Influences
British portraiture
Notable elements
Blue coat, gold buttons
Subject or theme
Military figure

संदर्भ के अनुसार

Samuel Barrington — जॉन सिंगलटन कोप्ले

इसका आकार क्या है?

मूल माप 44 × 60 सेमी (ऊंचाई × चौड़ाई) है, जिसे यहाँ औसत ऊंचाई वाले एक वयस्क के साथ दर्शाया गया है।

यह कब चित्रित किया गया होगा?

  1. 1730
  2. 1740
  3. 1750
  4. 1760
  5. 1770
  6. 1780
  7. 1790
  8. 1800
  9. 1810

ऊपरी पंक्ति: वर्ष। निचली पंक्ति: प्रत्येक अवधि की शुरुआत और अंत में कलाकार की आयु — जन्म के समय 0, मृत्यु के समय 77।

छायांकित: जॉन सिंगलटन कोप्ले का जीवनकाल (1738–1815) प्रत्येक दिनांकित पेंटिंग, दशक दर दशक

प्रारंभिक कृतियाँ: 1764 तक कार्य के मुख्य वर्ष: 1764–1777 अंतिम कृतियाँ: 1777 से

ये तीन पट्टियाँ इस कैटलॉग में दर्ज कृतियों को पहली तिमाही, मध्य भाग और अंतिम तिमाही में विभाजित करती हैं। ये कलाकार की संपूर्ण रचनाएँ नहीं हैं: एक छोटा अंतराल किसी शांत दौर के बजाय रिकॉर्ड में मौजूद एक कमी हो सकता है। वही वर्ष जिनमें कलाकार का जीवन समाहित है

इस रिकॉर्ड के लिए कोई सटीक वर्ष उपलब्ध नहीं है — कलाकार के जीवनकाल और इस कृति की शैली को देखते हुए, आप किस दशक का अनुमान लगाएंगे?

तुलना करें

ऊपर दिए गए किसी एक कार्य को चुनें: ऐसी दो बातें बताएं जो इसमें और इस कार्य में समान हैं, और एक बात जो अलग है।

इस कृति के साथ देखने योग्य अन्य कलाकृतियाँ: wahooart.com/hi/art/similar/john-singleton-copley-samuel-barrington-8XYCHU-en/

रंगों का समूह

छवि से मापा गया

    मुख्य रंग

    Black #130e13

    सूचीबद्ध पैलेट

    • #130E13
    • #2E2322
    • #836969
    • #504039

    कलाकार के संपूर्ण पैलेट में समाहित ये रंग रंग के आधार पर अन्य पेंटिंग खोजें

    मुख्य रंग का नाम
    Black
    तीव्रता
    Monochromatic रंगों की संतृप्ति और विविधता, एक एकल मंद रंग से लेकर कई चमकीले रंगों तक।
    विपरीतता
    Serene चित्र में रंगों की चमक और संतृप्ति (saturation) में कितना अंतर है।
    सामंजस्य
    Discordant Palette रंगों का आपस में तालमेल, विरोधाभासी होने से लेकर पूरी तरह से एकरूप होने तक।
    चमक
    Deep_shadow गहरी छाया से लेकर चमकदार हाइलाइट तक, पूरी तस्वीर का समग्र रूप कितना हल्का या गहरा है।
    संतृप्ति
    Muted रंगों की शुद्धता और तीव्रता, हल्के भूरे से लेकर पूरी तरह जीवंत होने तक।

    दुनिया के किन हिस्सों में इस पेंटिंग को देखा जाता है?

    • 1% से कम
    • 1–3%
    • 3–8%
    • 8–20%
    • 20% और उससे अधिक
    इस पेंटिंग के लिए दर्ज किए गए आगंतुकों की संख्या मानचित्र बनाने के लिए बहुत कम है, इसलिए यह प्लेट पिछले बारह महीनों में जॉन सिंगलटन कोप्ले द्वारा बनाई गई प्रत्येक कृति को दर्शाती है — कुल मिलाकर 24 देश। ये आंकड़े कहाँ से आते हैं

    दस प्रमुख देश

    1. 1 China 58.8%18000 यात्राएं
    2. 2 United States of America 14.7%4500 यात्राएं
    3. 3 Hong Kong 6.5%2000 यात्राएं
    4. 4 Singapore 4.2%1300 यात्राएं
    5. 5 France 2.6%800 यात्राएं
    6. 6 Mexico 2.3%700 यात्राएं
    7. 7 Argentina 1.3%400 यात्राएं
    8. 8 Israel 1.3%400 यात्राएं
    9. 9 Romania 1.3%400 यात्राएं
    10. 10 Colombia 1.0%300 यात्राएं
    11. · 14 अन्य देश 6.0%1800 यात्राएं

    मानचित्र पर सबसे गहरे रंग वाले तीन देशों को खोजें। क्या इस पेंटिंग को सुरक्षित रखने वाला संग्रहालय उनमें से किसी एक में स्थित है? कोई एक कारण लिखें कि क्यों दूर रहने वाले लोग इसे देख सकते हैं।

    जॉन सिंगलटन कोप्ले की सबसे अधिक देखी जाने वाली 20 कृतियाँ

    1. 1 वाटसन और शार्क, 1778 17.0%6100 विज़िट्स
    2. 2 The Return of Neptune, 1754 2.8%1000 विज़िट्स
    3. 3 James Otis, (painting), 1760 2.8%1000 विज़िट्स
    4. 4 The Ascension, 1775 2.0%700 विज़िट्स
    5. 5 Mrs.William Eppes, 1769 2.0%700 विज़िट्स
    6. 6 Elkanah Watson, 1782 1.7%600 विज़िट्स
    7. 7 Samuel Reading to Eli the Judgments of God Upon Eli's House, 1780 1.7%600 विज़िट्स
    8. 8 Young lady with a bird and dog, 1767 1.4%500 विज़िट्स
    9. 9 Head of a Negro, 1777 1.4%500 विज़िट्स
    10. 10 Mary Elizabeth Martin, 1771 1.4%500 विज़िट्स
    11. 11 The Colapse of the Earl of Chatham in the House of Lords (also known as The Death of the Earl of Chatham), 1779 1.1%400 विज़िट्स
    12. 12 Thomas Amory II, 1772 1.1%400 विज़िट्स
    13. 13 Mrs.Daniel Hubbard (Mary Greene), 1764 1.1%400 विज़िट्स
    14. 14 James Tilley, (painting) 1.1%400 विज़िट्स
    15. 15 Brook Watson and the Shark, 1778 0.8%300 विज़िट्स
    16. 16 The Nativity, 1777 0.8%300 विज़िट्स
    17. 17 Mrs.Ezekiel Gondthwait (Elizabeth Lewis), 1771 0.8%300 विज़िट्स
    18. 18 Mrs. John Winthrop (Hannah Fayerweather), 1773 0.8%300 विज़िट्स
    19. 19 Mrs.George Watson (Elizabeth Oliver), 1765 0.8%300 विज़िट्स
    20. — Samuel Barrington यह पेंटिंग 0.0%0 विज़िट्स

    ये कृतियाँ मिलकर पिछले बारह महीनों में इस कलाकार की पेंटिंग्स को मिले कुल ध्यान का 42.6% हिस्सा लेती हैं। कैटलॉग में इस कलाकार की 482 कृतियाँ मौजूद हैं, जिनमें से 169 को कम से कम एक बार देखा गया था। इस पेंटिंग को अभी तक उस समय में देखा नहीं गया है — यह बिना किसी रैंक के सूची को समाप्त करती है। वही संख्या, महीने दर महीने

    बार्स ध्यान आकर्षित करने का पैमाना हैं, गुणवत्ता का नहीं। सबसे ऊपर वाली कृति और इस कृति को चुनें: किसी ऐसी चीज़ का नाम बताएं जो किसी पेंटिंग को उसके बेहतरीन चित्रण के अलावा प्रसिद्ध बना सकती है।

    इस कलाकृति के बारे में

    Samuel Barrington — जॉन सिंगलटन कोप्ले

    A Portrait of Colonial Distinction: John Singleton Copley’s Samuel Barrington

    Subject: The painting depicts Samuel Barrington, a man rendered with remarkable precision and psychological depth by the masterful hand of John Singleton Copley. His formal attire – a deep blue coat adorned with gleaming gold buttons and a crisp white cravat – immediately evokes the status and authority of a military officer or a prominent figure from the early 18th century. The direct gaze, seemingly posed for a portrait, invites us into his world, creating an immediate connection across centuries.

    Artist’s Vision: Copley, born in Boston in 1738, was a pivotal figure in bridging the artistic traditions of Britain and America. His work represents a crucial step in establishing a distinctly American aesthetic, characterized by its realism and attention to detail. Unlike many artists of his time who simply replicated European styles, Copley infused his portraits with a keen understanding of his subjects’ personalities and social context.

    Technical Mastery: Copley's technique is immediately apparent in the meticulous rendering of texture – the heavy wool of the coat, the sheen of the buttons, the delicate fabric of the cravat. His use of light and shadow creates a sense of volume and depth, further enhancing the realism of the portrait. The artist’s brushwork is precise yet fluid, conveying both control and spontaneity.

    Historical Context: Boston in the Age of Revolution

    This painting was created during a period of immense change and upheaval in colonial America – the years leading up to the American Revolution. Boston, as depicted here, was a vibrant hub of commerce, shipbuilding, and burgeoning wealth, fueled by the transatlantic trade. The attire of Samuel Barrington reflects this prosperity and status, while also hinting at the growing tensions between Britain and its colonies. Copley’s decision to portray Barrington in such a formal manner speaks to the importance of social standing and professional identity within colonial society.

    Symbolism and Composition

    The Landscape: The backdrop of mountains isn't merely decorative; it serves as a symbolic representation of strength, stability, and the vastness of the American frontier. It also provides a sense of grandeur and importance to the subject, elevating him beyond a simple portrait.

    Color Palette: The dominant use of blue, gold, and white creates a visually striking effect, conveying wealth, status, and refinement. These colors were particularly significant in 18th-century portraiture, signifying honor and respectability.

    Direct Gaze: Barrington’s direct gaze is a key element of the composition, engaging the viewer directly and creating a sense of intimacy. It suggests confidence, authority, and perhaps even a hint of defiance – qualities that would become increasingly important as the colonies prepared for revolution.

    Emotional Impact & Reproduction

    “Samuel Barrington” transcends a simple portrait; it’s a window into a pivotal moment in American history. Copley's ability to capture not just appearance but also character and social context makes this painting profoundly engaging. WahooArt offers a meticulously crafted hand-painted reproduction of this iconic work, ensuring that you experience the full impact of Copley’s artistry. This reproduction captures every nuance of light, shadow, and texture, faithfully recreating the original's historical significance and emotional resonance. Perfect for collectors, interior designers seeking to infuse their spaces with timeless elegance, or anyone captivated by the spirit of early America.

    कलाकार और संग्रहालय

    कलाकार

    जॉन सिंगलटन कोप्ले

    का जन्म स्थान बोस्टन, संयुक्त राज्य अमेरिका

    प्रारंभिक जीवन, परिवार और प्रशिक्षण

    जॉन सिंगलटन कोप्ले का उदय 1738 में औपनिवेशिक बोस्टन की व्यावसायिक हलचल के बीच हुआ। उनका पालन-पोषण लॉन्ग व्हार्फ के समुद्री व्यापार की जड़ों में हुआ, जहाँ उनकी माँ, मैरी सिंगलटन कोप्ले, एक दुकान का संचालन करती थीं। उनके पिता, रिचर्ड कोप्ले, एक तंबाकू व्यापारी के रूप में कार्यरत थे। यह वातावरण केवल एक सामाजिक पृष्ठभूमि मात्र नहीं था; इसने उन्हें उन भौतिक बनावटों और सामाजिक पदानुक्रमों का सीधा अनुभव प्रदान किया, जो आगे चलकर उनकी दृश्य भाषा (visual language) को परिभाषित करने वाले थे। वे किसी कलात्मक राजवंश में पैदा नहीं हुए थे, लेकिन व्यापारी वर्ग के साथ उनकी निकटता ने यह सुनिश्चित किया कि वे उन वस्तुओं के मूल्य को गहराई से समझ सकें जिन्हें वे अंततः अपने कैनवास पर उतारने वाले थे।

    कला के प्रति उनका औपचारिक परिचय उनके सौतेले पिता, पीटर पेलम के माध्यम से हुआ, जो एक नक्काशीकार और लिमर (limner) थे। हालाँकि पेलम ने उन्हें प्रारंभिक तकनीकी आधार प्रदान किया, लेकिन कोप्ले का वास्तविक विकास उनके अकेले और अथक परिश्रम का परिणाम था। वे काफी हद तक स्व-शिक्षित थे, जिन्होंने पारंपरिक यूरोपीय अकादमी प्रणाली को त्यागकर एक कठोर और स्वयं द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम को अपनाया। उन्होंने प्रकाश और रूप (form) की बारीकियों में महारत हासिल करने के लिए वर्षों तक बारीकी से उत्कीर्णनों (engravings) की नकल करने में बिताए। इस अनुशासित और आत्म-शिक्षित दृष्टिकोण ने उन्हें अपने स्थानीय परिवेश की सीमाओं से परे जाने और उस तकनीकी सटीकता को विकसित करने की अनुमति दी, जो उनके औपनिवेशिक पूर्ववर्तियों में नहीं थी।

    एक औपनिवेशिक चित्रकार के रूप में सफलता

    1760 के दशक तक, जॉन सिंगलटन कोप्ले ने बोस्टन के प्रमुख चित्रकार के रूप में अपनी स्थिति सुदृढ़ कर ली थी। वे केवल चेहरों का चित्रण नहीं करते थे; बल्कि वे औपनिवेशिक अभिजात वर्ग की सामाजिक पहचान का निर्माण करते थे। भौतिक संपदा को दृश्य अधिकार में बदलने की उनकी अद्भुत क्षमता ने उन्हें शहर के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की पहली पसंद बना दिया। वे भली-भाँति समझते थे कि एक पोर्ट्रेट केवल एक छवि नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिति को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है, जहाँ वे बनावट और विशिष्ट वस्तुओं के माध्यम से समाज के पदानुक्रम में बैठे व्यक्ति के स्थान का संकेत देते थे।

    उनकी तकनीकी सटीकता ने उन्हें साधारण समानता से कहीं आगे जाने की अनुमति दी। उनके 1771 के पोर्ट्रेट श्रीमती एज़कियल गोंडथवेट (एलिजाबेथ लुईस) में, शानदार कपड़ों का चित्रण और परिष्कृत मुद्रा सामाजिक प्रतिष्ठा की एक विशिष्ट भावना को संप्रेषित करती है। यह कोई संयोग नहीं था। कोप्ले ने चांदी की चमक से लेकर आस्तीन के उतार-चढ़ाव तक, हर विवरण का उपयोग अपने विषयों के प्रति दर्शक के दृष्टिकोण को आकार देने के लिए किया। उन्होंने पोर्ट्रेट के लिए बैठने की प्रक्रिया को धन और शक्ति के एक सुनियोजित प्रदर्शन में बदल दिया।

    उनके ग्राहकों का विस्तार औपनिवेशिक नेतृत्व के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है। उन्होंने लगभग 1768 में पॉल रिवियर की छवि को कैद किया और 1772 में सैमुअल एडम्स का चित्र बनाया। ये केवल कलाकृतियाँ नहीं थीं; ये उन पुरुषों के दृश्य प्रमाण थे जो उपनिवेशों के राजनीतिक भविष्य को आकार दे रहे थे। उनके काम ने परिवर्तनशील समाज के लिए एक दृश्य शब्दावली प्रदान की, उन लोगों का दस्तावेजीकरण किया जो जल्द ही एक नई राजनीतिक व्यवस्था को परिभाषित करने वाले थे।

    कलात्मक शैली और तकनीक

    जॉन सिंगलटन कोप्ले का सौंदर्यशास्त्र रोकोको (Rococo) की भव्यता और प्रबोधनकालीन (Enlightenment) बौद्धिकता का एक सुविचारित संगम है। उन्होंने अपने पूर्वजों की केवल सजावटी शैलियों की नकल नहीं की, बल्कि उन्हें एक कठोर नव-शास्त्रीय (Neo-Classical) दृष्टि के साथ परिष्कृत किया। उनका यह दृष्टिकोण व्यवस्था, स्पष्टता और नैतिक गुणों को प्राथमिकता देता था, जो औपनिवेशिक संदर्भ में गहराई से प्रतिध्वनित होते थे। उनकी कृतियाँ केवल सजावटी शैलियों में पाई जाने वाली सतहीपन से बचती हैं, क्योंकि वे प्रत्येक रचना को शारीरिक सटीकता और मनोवैज्ञानिक गहराई के साथ आधार प्रदान करते हैं। वे केवल सतह पर दिखने वाली समानता से संतुष्ट नहीं थे; इसके बजाय, उन्होंने विषय की मुद्रा और अभिव्यक्ति का उपयोग उनके अंतर्निहित चरित्र को प्रकट करने के लिए किया, जिससे एक साधारण चित्र मानव पहचान का एक सटीक अध्ययन बन गया।

    उनके चित्रों का तकनीकी निष्पादन पारभासी ग्लेज़ (translucent glazes) की एक परिष्कृत परत पर आधारित है। इस पद्धति ने, तेज़ ब्रशवर्क के साथ मिलकर, उन्हें बनावट और प्रकाश में यथार्थवाद का एक उच्च स्तर प्राप्त करने में मदद की। उनके पास भौतिक दुनिया को चित्रित करने की एक विशिष्ट क्षमता थी—कपड़े का भारी वजन, धातु की ठंडी चमक और त्वचा के सूक्ष्म रंग—जिसे उन्होंने ऐसी सटीकता के साथ उकेरा जो जीवंत महसूस होती थी। इस तकनीकी दक्षता ने यह सुनिश्चित किया कि उनके विषय केवल सपाट चित्रण के बजाय वास्तविक भौतिक उपस्थिति के रूप में दिखाई दें। प्रकाश और छाया के परस्पर खेल में महारत हासिल करके, उन्होंने ऐसी आकृतियों को गढ़ा जो एक मूर्त आयतन और स्थायित्व का अहसास कराती थीं।

    उनकी कलात्मक यात्रा के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण इस प्रकार हैं:

    Mrs. Jerathmael Bowers

    The Return of Neptune

    Mrs. John Winthrop

    महत्वाकांक्षा और यूरोप में जीवन

    यूरोप की ओर कोप्ले का प्रस्थान पुरानी दुनिया के स्थापित कला केंद्रों में अपनी पैठ बनाने का एक सुविचारित और गणनात्मक प्रयास था। उनके प्रस्थान से बहुत पहले ही लंदन में उनकी प्रतिभा की गूँज सुनाई देने लगी थी; 3 सितंबर, 1766 को उन्हें 'सोसाइटी ऑफ आर्टिस्ट्स ऑफ ग्रेट ब्रिटेन' के फेलो के रूप में चुना गया था। इस सम्मान ने उनके भविष्य के प्रवास के लिए आवश्यक गति प्रदान की। वर्ष 1774 में, उन्होंने अपनी पत्नी सुज़ाना फ़ार्नस्वर्थ क्लार्क और अपने बच्चों के साथ मिलकर तेरह उपनिवेशों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने उसी वर्ष लंदन में अपना बसेरा बनाया और फिर कभी अमेरिका वापस नहीं लौटे।

    यूरोप में उनका समय शास्त्रीय प्रशिक्षण की एक सचेत और समर्पित खोज का गवाह बना। 1774 की गर्मियों के दौरान, उन्होंने रोम में अध्ययन किया, जिसका उद्देश्य रचना (composition) और ऐतिहासिक आख्यान पर अपनी पकड़ को और अधिक परिष्कृत करना था। अध्ययन का यह दौर केवल एक यात्रा मात्र नहीं था, बल्कि उनके पेशेवर जीवन की दिशा में एक मौलिक परिवर्तन था। लंदन में खुद को स्थापित करके, उन्होंने एक औपनिवेशिक पोर्ट्रेटवादी से एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महत्व वाले चित्रकार के रूप में परिवर्तित होने का प्रयास किया, जहाँ उन्होंने ब्रिटिश कला जगत के उच्च मानकों के विरुद्ध अपनी तकनीकी क्षमता की परीक्षा ली।

    प्रमुख कृतियाँ और ऐतिहासिक चित्रकला

    जॉन सिंगलटन कोप्ले की कलात्मक यात्रा उनके उस सोचे-समझे बदलाव को दर्शाती है, जहाँ वे औपनिवेशिक प्रतिष्ठा दिलाने वाले सामाजिक पोर्ट्रेट्स से आगे बढ़कर ऐतिहासिक चित्रकला के उच्च-स्तरीय और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखते हैं। शास्त्रीय विषयों के साथ उनका प्रारंभिक जुड़ाव लगभग 1754 में चित्रित The Return of Neptune में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह कृति पुराने उस्तादों (Old Masters) की रचना शैली का उपयोग करके बोस्टन के अभिजात वर्ग के केवल बाहरी स्वरूप से परे जाने का एक प्रारंभिक प्रयास थी। यहाँ तक कि उनके अधिक व्यक्तिगत चित्रणों में भी, जैसे कि 1776 में निर्मित The Copley Family, सावधानीपूर्वक तैयार किए गए परिवेश और वस्तुओं के माध्यम से कैनवास का उपयोग एक विशिष्ट सामाजिक पहचान स्थापित करने का स्पष्ट इरादा दिखाई देता है।

    यूरोप प्रवास ने उन्हें ऐतिहासिक आख्यानों के और भी आक्रामक अन्वेषण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उस युग की सबसे प्रतिष्ठित विधा को छूने का प्रयास किया, जिसके लिए उन्होंने अक्सर तीव्र नाटकीयता या राजनीतिक महत्व वाले दृश्यों को चुना। लगभग 1778 में चित्रित Watson and the Shark, नाटकीय तनाव की ओर उनके इस झुकाव को प्रदर्शित करता है। इसी दिशा में उनका सबसे महत्वाकांक्षी प्रयास The Death of Major Peirson था, एक ऐसी कृति जिसने जर्सी के युद्ध की उथल-पुथल को पकड़ने का प्रयास किया। हालाँकि कुछ आलोचकों ने इसकी रचना (composition) पर सवाल उठाए, फिर भी यह पेंटिंग आधुनिक संघर्ष को ऐतिहासिक कला के भव्य पैमाने पर अनुवादित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बनी हुई है।

    लंदन में उनके उत्तरार्द्ध करियर में उन्होंने जटिल राजनीतिक दृश्यों को भी चित्रित किया, जैसे कि 1779 में The Colapse of the Earl of Chatham in the House of Lords। यह कार्य युद्ध के मैदान से हटकर ब्रिटिश शासन के संरचित और उच्च-तनाव वाले वातावरण की ओर मुड़ा। इन विविध विषयों के माध्यम से, जॉन सिंगलटन कोप्ले ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि उपनिवेशों में प्रशिक्षित एक चित्रकार यूरोपीय ऐतिहासिक परंपरा की गंभीर और नाटकीय आवश्यकताओं में महारत हासिल कर सकता है।

    जीवन के अंतिम वर्ष और मृत्यु

    लंदन में कोप्ले के जीवन का अंतिम अध्याय उस पेशेवर गति में गिरावट से चिह्नित था, जिसका उन्होंने कभी आनंद लिया था। उनके बाद के वर्ष उनके प्रसिद्धि के शुरुआती दौर की तुलना में कम सफल रहे। उनके अंतिम वर्षों में वित्तीय अस्थिरता का साया बना रहा, और उनकी मृत्यु भारी कर्ज के बीच हुई। यह आर्थिक संघर्ष उस सामाजिक प्रतिष्ठा के बिल्कुल विपरीत है, जिसे उनके औपनिवेशिक पोर्ट्रेट्स ने कभी न्यू इंग्लैंड के अभिजात वर्ग के लिए परिभाषित करने में मदद की थी।

    उनका निधन 1815 में लंदन में हुआ। उनके अवशेषों को सरे के क्रॉयडॉन में क्रॉयडॉन मिनिस्टर में दफनाया गया था। हालांकि उनका करियर वित्तीय तनाव के बीच समाप्त हुआ, लेकिन उनकी तकनीकी सटीकता 18वीं शताब्दी के पोर्ट्रेट और ऐतिहासिक रचनाओं के अध्ययन में एक अडिग मानक बनी हुई है।

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    इस कलाकृति का संदर्भ दें

    MLA
    कोप्ले, जॉन सिंगलटन. Samuel Barrington. n.d., https://wahooart.com/hi/art/john-singleton-copley-samuel-barrington-8XYCHU-en/
    APA
    कोप्ले, जॉन सिंगलटन (n.d.). Samuel Barrington [Painting]. https://wahooart.com/hi/art/john-singleton-copley-samuel-barrington-8XYCHU-en/
    Chicago
    जॉन सिंगलटन कोप्ले. Samuel Barrington. n.d. https://wahooart.com/hi/art/john-singleton-copley-samuel-barrington-8XYCHU-en/
    Harvard
    कोप्ले, जॉन सिंगलटन (n.d.) Samuel Barrington. Available at: https://wahooart.com/hi/art/john-singleton-copley-samuel-barrington-8XYCHU-en/

    बारीकी से देखें

    Samuel Barrington — जॉन सिंगलटन कोप्ले

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    अपने शब्दों में उत्तर दें। यहाँ कोई भी उत्तर गलत नहीं है — बस वे उत्तर होने चाहिए जिन्हें आप समझा सकें।

    1. सबसे पहले आपकी नज़र किस पर पड़ती है, और क्यों?
    2. कौन से रंग या आकार इस भाव को निर्मित करते हैं — और वह भाव क्या है?
    3. हमारे कैटलॉग में इस कृति को यहाँ वर्गीकृत किया गया है: portrait painting, historical figure, blue coat। क्या आप इससे सहमत हैं? आप इसमें क्या जोड़ना या हटाना चाहेंगे?
    4. इस गाइड में पहले आए वाटसन और शार्क (1778) को फिर से देखें। ऐसी दो चीजों के नाम बताएं जो इस कृति के साथ समान हैं, और एक ऐसी चीज जो अलग है।
    5. जॉन सिंगलटन कोप्ले की कलाकृतियों में बार-बार उभर कर आने वाले विषय: anglo-american aesthetic, colonial boston life, portraiture conventions। इनमें से आप यहाँ किसे देख पा रहे हैं?

    आपका उत्तर

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    प्रश्न और उत्तर

    जॉन सिंगलटन कोप्ले द्वारा "Samuel Barrington" के लिए किस प्रकार का उपयोग और स्थान उपयुक्त रहेगा?

    जॉन सिंगलटन कोप्ले द्वारा "Samuel Barrington" के लिए (Statement) का उपयोग और (Dining Room) की जगह, ये दो सुझाव दिए गए हैं।

    जॉन सिंगलटन कोप्ले द्वारा "Samuel Barrington" की कॉपीराइट स्थिति का क्या कारण है?

    "Samuel Barrington" की कॉपीराइट स्थिति - सार्वजनिक डोमेन में - इसका कॉपीराइट समाप्त हो चुका है - कलाकार की 1815 में मृत्यु के आधार पर निर्धारित होती है।

    "Samuel Barrington" में माध्यम और गति का संयोजन किस प्रकार हुआ है?

    "Samuel Barrington" को Acrylic में, Neoclassical Portraiture शैली में बनाया गया है।